From My Diary

अभिव्यक्ति

17 Posts

12 comments

hbsingh


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

आखिर भाजपा है कहा ?

Posted On: 28 Sep, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

1 Comment

तस्वीर आपकी

Posted On: 13 Sep, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

बारिश की बुँदे

Posted On: 12 Sep, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

पार्टी फंड

Posted On: 11 Sep, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

0 Comment

क्या था मैं ?

Posted On: 9 Sep, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

0 Comment

कोई और विकल्प है ?

Posted On: 30 Aug, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

0 Comment

ज्यादा की नहीं चाहत हमको

Posted On: 15 Aug, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

अन्ना और राजनीति : फायदा या नुकसान

Posted On: 4 Aug, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 4.33 out of 5)
Loading ... Loading ...

में

3 Comments

एकांत

Posted On: 28 Jul, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

हम भी मजबूर है

Posted On: 4 Jun, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

Page 1 of 212»

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

सिंह साब ,आप १००% सही हैं. इस पार्टी की तो तभी मौत हो गयी थी जब हर नेता आडवानी जी को छोड़ कर पी.एम्. बनने की दौड़ में थे ,कहा गया की आडवानी चाह तो रहे हैं पर चुप हैं. राजनाथ,गडकरी,सुषमा,अरुण,मोदी सब अपनी- अपनी दावेदारी दिखा रहे थे 'सूत न कपास, जुलाहे से लट्ठम लट्ठा "बाकी जोशी जी,वैंकयाजी,का तो कही नाम ही नहीं था! हम तो नकवी साब और शाह नवाज हुसैन जैसे अन्यों को ही अकल्मन्द मानेगे जो इस दौड़ में आये ही नहीं! वे यह जानते थे की " नाच रहे है भांड पतुरिया और कूद जाएगा सन्यासी " सो अब आप के अनुसार कोई कूद पड़ने वाला सन्यासी भी नहीं रहा? अब तो इस पार्टी को अपनी तेरहवीं ही करनी चाहीये! इस पार्टी में अब वरीयता का तो लिहाज ही नही रहा?

के द्वारा: pitamberthakwani pitamberthakwani

के द्वारा: dineshaastik dineshaastik

के द्वारा: ajaydubeydeoria ajaydubeydeoria




latest from jagran